जेपी हंस

मेरी फ़ोटो
मूल रूप से बिहार राज्य के अरवल जिला के निवासी । मां भारती का सच्चा सपूत। स्वतंत्र लेखक। पूर्वी दिल्ली से प्रकाशित पूर्वालोक, आयकर विभाग राँची से प्रकाशित आयकर जोहार, आयकर विभाग, पटना से प्रकाशित आयकर विहार, ऑनलाईन वेब पत्रिका पुष्पवाटिक टाईम्स, ब्लॉग-बुलेटिन, अनुभव एवं विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाऐ. ई-मेल आई.डी- jphans25@gmail.com

सुविचार

जेपी-डायरी में आपका स्वागत है । अपना मूल्यवान समय निकालकर आने हेतु आभार । अपनी प्रतिक्रिया देना न भूलें ।

4 अक्तूबर 2014

दर्शन दो मईया दर्शन दो


दर्शन दो मईया दर्शन दो
मईया दर्शन दो..............2
कि तेरा भक्त बुला रहा है।
            इस जग का है कैसा नाता
            कोई न भक्तन की सुधि लाता
            भक्तों की है मैया यही पुकार
            दर्शन दो मईया दर्शन दो
काली घटा देख मन घबराता
बीच भॅवर में कुछ न सुहाता
नित्य दिन करू मैं तेरी इंतजार
दर्शन दो मईया दर्शन दो.............2
            भाग-दौड़ का है यह जमाना
            सब के सपनों का तुही खजाना
            तेरी करू मैं सदा जयजयकार
            दर्शन दो मईया दर्शन दो............2
                                                 जे.पी. हंस




कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपना कीमती प्रतिक्रिया देकर हमें हौसला बढ़ाये।