शायरी

रविवार, मार्च 20, 2016
ये दुनिया ये महफिल बड़े काम का है। मेरे टेबल पर रखा दवा जुकाम का है । खा न लेना दिल के दर्द का दवा समझकर, ये मत समझना की तेरे जन्नत-ए-इं...
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