धरा की जननी कौन है?

5:19 pm
विवश है आज धरा पर नारी, अपनी अस्मत बचाने को । रक्षक ही भक्षक बन बैठे, पल-पल उन्हें सताने को । मुद्दे जघन्य है जर्रा-जर्रा पर, कर्तव...
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