कदमा, जमशेदपुर के अग्निकांड का आंखों देखी वर्णन

शुक्रवार, दिसंबर 29, 2017
“ बहुत हेल्प हो रहा है बाबू, बहुत, बड़े-बड़े घरों के लोग आ रहे हैं, जिसको जो बुझा रहा है हेल्प कर रहे हैं. “ बुढ़ी सी दिखने वाली महिला ...

चुनाव या अखाडा

रविवार, दिसंबर 24, 2017
      आजकल हमारा पुरा देश ही राजनितिक दलों का अखाड़ा बना हुआ है । चाहे वह लोकसभा चुनाव हो, राज्यसभा, विधानसभा, विधान परिषद् चुनाव हो या नग...

सदाबहार-3

शनिवार, नवंबर 11, 2017
जिस हाल में हूँ उस हाल में रहने दो। हाथो मे चाकू न दो कलम भी रहने दो। सताया हूँ इस कदर उसके दिल का। जितना बहना है आँसू बहने दो।       ...

सदाबहार-2

शनिवार, नवंबर 11, 2017
कभी रेत पर लिखी थी हम दोनों की जिंदगानी। आँधियाँ आई, तूफान आया मिट गयी निशानी। मुलाकातों को दौर चलता है चलता भी रहेगा। बस होंठो में मुस...

सदाबहार-1

शुक्रवार, नवंबर 10, 2017
स्मार्टफोन की इस दुनिया में, कैसा कैसा भूकंप आता है। घर परिवार में अगर मचे भूकंप तो, मोदी से पहले ट्रम्प को पता चल जाता है।           ...
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