सुविचार

जेपी-डायरी में आपका स्वागत है । अपना मूल्यवान समय निकालकर आने हेतु आभार । अपनी प्रतिक्रिया देना न भूलें ।

जेपी हंस

मेरी फ़ोटो
मूल रूप से बिहार राज्य के अरवल जिला के निवासी । मां भारती का सच्चा सपूत। स्वतंत्र लेखक। पूर्वी दिल्ली से प्रकाशित पूर्वालोक, आयकर विभाग राँची से प्रकाशित आयकर जोहार, आयकर विभाग, पटना से प्रकाशित आयकर विहार, ऑनलाईन वेब पत्रिका पुष्पवाटिक टाईम्स, ब्लॉग-बुलेटिन, अनुभव एवं विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाऐ. ई-मेल आई.डी- jphans25@gmail.com

27 सितंबर 2019

मृत्यु-दर में कमी।

जब से भारत में,
नया मोटर वेहिकल नियम आयी है।
मृत्यु-दर में कमी आयी है।
इसलिए नहीं की,
सड़कों पर गाड़ियां नहीं चल रहे हैं।
लोग बाइक नहीं चला रहे हैं।
-18 वाले हवा-हवाई नहीं चला रहे हैं।
इसलिए भी नहीं की,
किसी के पास आर.सी नहीं हैं,
किसी के पास पॉल्यूशन नहीं हैं,
किसी के पास डीएल नहीं है,
किसी के पास इन्शुरेंस नहीं हैं।
वे गाड़ियां नहीं चला रहे हैं।
यमराज भी
बड़े दिनों से बे-रोक टोक आ रहे थे।
सभी को बे-टाइम ही ले जा रहे थे।
ऐसा नहीं की,
यमराज के पास,
आने के लिए,
इनके वाहन का,
आर.सी नहीं हैं,
पॉल्यूशन नहीं हैं,
डीएल नहीं है,
इन्शुरेंस नहीं हैं।
सब कुछ है पर,
उनके सर पर भी मुसीबत पड़ी है।
क्योंकि यहाँ हर चौराहे पर पुलिस खड़ी है।
पुलिस के डंडो से,
जिस तरह,
नियम तोड़ने वालो की,
सुताई हुई है।
क्या बच्चे,
क्या बूढ़े,
क्या नौजवान,
यहाँ तक की,
यमराज की आत्मा भी डरी हुई है।
धरती पर आने से,
लोगों को ले जाने से,
आज का यमराज तो वही है।
जो चौक-चौराहे पर डंडा लेकर खड़ी है।
                    - जेपी हंस