पुतली

Sunday, August 03, 2014
         लिखते है खैरियत के अफसाने मे, रात डाक पड़ा है थाने में, कुछ है लीन मात देने में, कुछ लगें है सह बचाने में, ऊपर-ऊपर ह...
Powered by Blogger.