सम्पर्क-सूत्र

Thursday, October 22, 2015
            सम्पर्क-सूत्र नाम- जयप्रकाश नारायण उर्फ जेपी हंस पता- ग्राम- भूपतिपुर पोस्ट- ढेलमा थाना- रामकृष्णा नगर ...

दिल्ली में डेंगू

Friday, September 25, 2015
सुनो भाई चंगू मंगू, देखो आया दिल्ली में डेंगू l चारो तरफ कोहराम मचाया, सोती सरकार को जगाया । जब से डेंगू आई है, डॉ साहेब की निंद हेरा...

शायरनामा

Thursday, September 17, 2015
दोस्तो नमस्कार,                  कुछ खट्टे मिठ्ठे शायराना अंदाज में शेर प्रस्तुत है । बिन दिये पानी गुलाब में,                   कली न...

हिन्दी की पोषण

Sunday, September 13, 2015
किसी भी देश की राष्ट्रभाषा वहां की ज्ञान, चेतना और चिंतन की मूल धुरी होती है । ऐसे मे, हमारे ही घर-परिवारों में हिन्दी की उपेक्षा चिंतनीय ...

हिन्दी का बेगानापन

Sunday, September 13, 2015
हिन्दी को कामकाज की भाषा बनाने की कितनी ही दलीलें क्यों न दी जाएं पर अच्छी नौकरियों में प्राथमिकता अंग्रेजी बोलने और जानने वालों को दी जात...

हिन्दी का सफरनामा

Sunday, September 13, 2015
हिन्दी की संस्कृत के अति क्लिष्ट स्वरूप और अरबी, फारसी जैसी  विदेशी और पाली, प्राकृत जैसी देसी भाषाओं के मिश्रण ने व्यापक आधार प्रदान किय...

कैसे आजाद है हम ?

Thursday, August 06, 2015
कैसे कहूँ कि हिन्द के वासी है आजाद । यूँ कहूँ कि हम पहले से ज्यादा है बर्बाद । फर्क तो सिर्फ इतना है । अब मत पूछना  कितना है । पहल...

डॉ कलाम को श्रद्धांजलि

Friday, July 31, 2015
देता हूँ श्रद्धांजलि करता हूँ कोटी-कोटी नमन । कैसे भूल पायेगा जो खिलाये आपने हिन्द में चमन । जगाया है जो आपने जन-जन में विश्वास । यह...

पार्टी फंड

Tuesday, February 03, 2015
जीतू इन दिनों काफी परेशान था, उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें ?  जीतू को काफी खुन-पसीना बहाने के बाद एक छोटी-सी नौकरी मिली थी...

फिजूलखर्ची

Tuesday, February 03, 2015
एक बार रवि ट्रेऩ से सफर कर रहा था । बगल की सीट पर दो लड़किया बैठी थी । देखने में काफी अच्छे घराने की लग रही थी । ट्रेन में लम्बी सफर में ब...

सोच-विचार

Tuesday, February 03, 2015
कपकपाती ठंड में रतन ताजा हवा खाने के लिए जैसे ही खिड़की खोला, उसकी नजर एक आठ वर्षीय उस लड़की पर पड़ी, जो कचड़े की ढेर से कुछ चुन रही थी । ...

हँसी के गोलगप्पे

Saturday, January 31, 2015
(1) दो औरतें को 20 साल की सजा हुई । 20 साल बाद दोनों जेल से बाहर निकली और एक दूसरे से मुस्कुरा कर बोली, चल, बाकी बातें घर जा कर पूरी करते ...

वक्त की हालात

Thursday, January 15, 2015
सुनाता हूँ हे मातृभूमि एक दर्द भरी कहानी । गम-ए-जदा हम ही नही, हर जन की यही जुबानी । कहने को तो कहते सब, एक ईश्वर की है संतान । फिर ...
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