जेपी हंस

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मूल रूप से बिहार राज्य के अरवल जिला के निवासी । मां भारती का सच्चा सपूत। स्वतंत्र लेखक। मन की भावनाओं को लेखनी के रूप में कागज पर उतारना । पूर्वी दिल्ली से प्रकाशित पूर्वालोक, आयकर विभाग राँची से प्रकाशित आयकर जोहार, आयकर विभाग, पटना से प्रकाशित आयकर विहार, ऑनलाईन वेब पत्रिका पुष्पवाटिक टाईम्स, ब्लॉग-बुलेटिन, अनुभव एवं विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाऐ. ई-मेल आई.डी- जेपी@डाटामेल.भारत या jphanspatna@gmail.com

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31 जनवरी 2015

हँसी के गोलगप्पे

(1)
दो औरतें को 20 साल की सजा हुई । 20 साल बाद दोनों जेल से बाहर निकली और एक दूसरे से मुस्कुरा कर बोली, चल, बाकी बातें घर जा कर पूरी करते हैं ।
(2)
एक छात्र ने गणित के अध्यापक से कहा-सर....   अंग्रेजी के अध्यापक तो अंग्रेजी में बातें करते है, हिन्दी के अध्यापक हिन्दी में बातें करते हैं । आप भी गणित में बात क्यों नहीं करते ।
अध्यापक-ज्यादा तीन-पाँच न कर फौरन नौ-दो ग्यारह हो जा, नहीं तो चार-पाँच रख दूँगा तो छठी का दूध याद आ जाएगा ।
(3)
संता ने अपनी बेटी के रूम में सिगरेट देखा ।
संता-हे भगवान, ये सिगरेट पीने लगी ।
फिर शराब की बोतल देखी,
संता- हे भगवान, शराब भी पीने लगी ।
कुछ देर बाद लड़की के रूम में एक लड़के को देखा ।
संता- हे भगवान, मेरी सब शक दूर हो गई, सब कुछ इस लड़के का है ।

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