सुविचार

जेपी-डायरी में आपका स्वागत है । अपना मूल्यवान समय निकालकर आने हेतु आभार । अपनी प्रतिक्रिया देना न भूलें ।

जेपी हंस

मेरी फ़ोटो
मूल रूप से बिहार राज्य के अरवल जिला के निवासी । मां भारती का सच्चा सपूत। स्वतंत्र लेखक। पूर्वी दिल्ली से प्रकाशित पूर्वालोक, आयकर विभाग राँची से प्रकाशित आयकर जोहार, आयकर विभाग, पटना से प्रकाशित आयकर विहार, ऑनलाईन वेब पत्रिका पुष्पवाटिक टाईम्स, ब्लॉग-बुलेटिन, अनुभव एवं विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाऐ. ई-मेल आई.डी- jphans25@gmail.com

22 मई 2015

काहे भूल गई माई हमके (भक्ति गीत)

काहे भूल गई माई हमके नयना चुराई के ।
प्रीत लगाई हमके आपन शरण में बुलाई के ।
तोहरी द्वारे माई भक्त जब निहारे ।
आस के चेहरा उम्मीद के सहारे ।
तन-मन में आस दिखाई, जिंदगी बनाई के ।
काहे भूल गई...........
मन में हई विद्या की लालसा, तन में उम्मीद की बयार ।
भाव है बेजोड़ हमरी, बाकी है तेरा प्यार ।
प्यार पूरी न हो पाई ,तोहरा के छोड़ के ।
काहे भूल गई..........
है यही इच्छा हमरी, नाम फैले सारा जग में ।
कोई कोना न हो बाकी, दिखे पग-पग में ।
पग-पग में नाम सुनाई, दिल के हिलोड़ के ।
काहे भूल गई..........