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जेपी हंस

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मूल रूप से बिहार राज्य के अरवल जिला के निवासी । मां भारती का सच्चा सपूत। स्वतंत्र लेखक। पूर्वी दिल्ली से प्रकाशित पूर्वालोक, आयकर विभाग राँची से प्रकाशित आयकर जोहार, आयकर विभाग, पटना से प्रकाशित आयकर विहार, ऑनलाईन वेब पत्रिका पुष्पवाटिक टाईम्स, ब्लॉग-बुलेटिन, अनुभव एवं विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाऐ. ई-मेल आई.डी- jphans25@gmail.com

12 सितंबर 2016

हिंदी के लिए क्या करें ।


1. स्त्रियां अपनी भाषा और शब्द-चयन को लेकर अपेक्षाकृत अधिक सजग होती है । यदि वे थोड़ी और जागरूक हो जाए, तो घर की नई पीढ़ी विदेशी भाषा में शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अपनी भाषा और संस्कृति से बराबर जुड़ी रहेगी ।
2. विद्यालय में भले ही अंग्रेजी अनिवार्य हो, लेकिन घर पर मातृभाषा में ही बातचीत का नियम बनाए । भोजन, पूजा-पाठ, आत्मीय क्षणों में अंग्रेजी की कड़ी मनाही हो ।
3. बच्चों को अपनी भाषा में कहानियां-कविताएं पढ़ने के लिए प्रेरित करें । स्वयं भी पठन-पाठन में शामिल होकर उनमें रूचि जगाए ।
4. बच्चों को अपनी भाषा के सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आर्थिक लाभों के बारे में बताएं ।
5. बेटी के साथ बेटे को भी रसोई और धार्मिक-सांस्कृतिक रीति-रिवाजों की शब्दावली से परिचित कराएं ।
6. यदि वे अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग करे, तो वैकल्पिक हिंदी शब्द बताएं ।
7. हिंदी क्षेत्र के निवासी, अहिंदी परिवार के बच्चे दोस्तों से हिंदी में बोले । इस तरह से भाषा की सजगती बढ़ेगी ।
8. गैर-हिंदी भाषी से बात करें, तो उसकी टूटी-फूठी हिंदी को भी प्रोत्साहित करें । यदि आप जानते हो कि कोई व्यक्ति हिंदी क्षेत्र का है या हिंदी जानता है, तो उससे अंग्रेजी में बात न करें । अंग्रेजी उसकी मजबूरी हो सकती है, आपकी नहीं । वह अंग्रेजी में प्रश्न करे, तो आप हिंदी में उत्तर दें ।
9. ऐसी जगहों पर आप सेवाएं खरीदते है, यानी ग्राहक होते हैं । आप पैसे देते हैं, सो आपका दर्जी ऊंचा होना चाहिए । लेकिन होता उल्टा है । बैरा और अन्य कर्मचारी अंग्रेजी में बोलते हैं और आप कमतर न समझ लिया जाएं, इस डर से उसी की भाषा में बोलने लगते है । इसके बजाय, हिंदी में पूछे हिंदी में बताएं । यह बात गांठ बांध लीजिए कि यदि आपकी जेब में खर्च करने को पैसे है, तो वे हिंदी ही नहीं, आपकी स्थानीय बोली को भी झख मारकर समझेंगे ।
10. प्रपत्र, मतलब फॉर्म, चाहे बैंक का मामला हो या जीवनबीमा का, हिंदी प्रपत्रों की मांग करें । यहां भी नियम और शर्तें हिंदी में पूछे । राशियों की गणना के लिए हिंदी का सहारा लें । अंग्रेजी अंकों में बताया जाए, तो हिंदी में पूछे । यहीं नहीं, आप पासबुक और एटीएम पर्ची के लिए भी हिन्दी की मांग कर सकते है । अपनी भाषा में जानकारी प्राप्त करना आपका मौलिक अधिकार है ।
11. घर खरीदते समय या जमीन या फिर अनुबंध करते समय, उसके दस्तावेज अपनी भाषा में मांगे । अपनी भाषा में आप नियम-शर्तों को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे और धोखा खाने या किसी महत्वपूर्ण बात के नजर से चूक जाने के आसार कम ही होंगे । इसका एक लाभ यह भी होगा कि करोड़ो-अरबों का कारोबार करने वाले लोग हिंदी की अहमियत समझेंगे और हिंदी के अच्छे जानकारों को बतौर अनुवादक ही सही, रोजगार मिलेगा ।
12. सफर  के दौरान हिंदी की पत्रिकाएं और समाचार पत्र मांगे, खरीदें । पर्यटन स्थलों और अपनी भाषा में जानकारी की मांग करें ।
13. एक बात विशेष रूप से जान ले कि जब आप भुगतान करके सेवाएं खरीदते हैं, तो आप ऊंची स्थिति में होते हैं । कम से कम ऐसी जगहों पर अपनी भाषा को लेकर संकोच न करें ।
14. आज तकनीकी का दौर है इस दौर में स्मार्टफोन, टबलेट और कम्प्यूटर/लैपटॉप का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है । इसे इस्तेमाल करते समय भाषा का चयन हिंदी का करें ।
15. आज सोशल साइट का ज्यादा क्रेज बढ़ा है, इस पर अपनी विचार व्यक्त करते समय हिंदी का प्रयोग करें । हिंदी में भाषा को बदलने के लिए सभी सोशल साइट्स की सेंटिंग में हिंदी उपलब्ध है ।
16. भारत भी सोशल साईट बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है इसलिए बेहतर होगा विदेशी सोशल साइट के बदले स्वदेशी सोशल साइट का प्रयोग करें । फेसबुक की जगह शब्दनगरी, ट्विटर की जगह मूषक, व्हाट्सएप्प की जगह जिओ चैट उपलब्ध है, इसकी प्रयोग करें ।

17. स्मार्टफोन में हिंदी भाषा का प्रयोग करने के लिए प्ले स्टोर में हिंदी कीबोर्ड के अनेक एप्पस मौजूद है इसे इन्सटॉल कर, सेटिंग में हिंदी का चयन करें ।

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