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जेपी हंस

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मूल रूप से बिहार राज्य के अरवल जिला के निवासी । मां भारती का सच्चा सपूत। स्वतंत्र लेखक। पूर्वी दिल्ली से प्रकाशित पूर्वालोक, आयकर विभाग राँची से प्रकाशित आयकर जोहार, आयकर विभाग, पटना से प्रकाशित आयकर विहार, ऑनलाईन वेब पत्रिका पुष्पवाटिक टाईम्स, ब्लॉग-बुलेटिन, अनुभव एवं विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाऐ. ई-मेल आई.डी- jphans25@gmail.com

28 अक्तूबर 2016

दिवाली नहीं आते।

लगे है वाइ-फाई जबसे​ ​तार भी नहीं आते​​;​​
​बूढी आँखों के अब मददगार भी नहीं आते​​;​​
​​गए है जबसे शहर में कमाने घर के छोरे;​​
​​उनके घर में त्यौहार भी नहीं आते।
नोट: जो पर्व-त्योहार में भी अपने माँ-बाप, दादा-दादी से भेट करने नही जाते, उनको समर्पित।
#बेसहारा_माँ
#बूढ़ी_दादी
अंत में, सभी को शब्द क्रांति की तरफ से हार्दिक शुभकामनाये।

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