जेपी हंस

मेरी फ़ोटो
मूल रूप से बिहार राज्य के अरवल जिला के निवासी । वर्तमान में आयकर विभाग मे हिदी आशुलिपिक के पद पर कार्यरत । मां भारती का सच्चा सपूत। स्वतंत्र लेखक। मन की भावनाओं को लेखनी के रूप में कागज पर उतारना । पूर्वी दिल्ली से प्रकाशित पूर्वालोक, आयकर विभाग राँची से प्रकाशित आयकर जोहार, आयकर विभाग, पटना से प्रकाशित आयकर विहार, ऑनलाईन वेब पत्रिका पुष्पवाटिक टाईम्स, ब्लॉग-बुलेटिन, अनुभव एवं विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाऐ. ई-मेल आई.डी- जेपी@डाटामेल.भारत या drjphans@gmail.com

सुविचार

शब्द क्रांति में आपका स्वागत है । अपना मूल्यवान समय निकालकर आने हेतु आभार । अपनी प्रतिक्रिया देना न भूलें ।

28 अक्तूबर 2016

दिवाली नहीं आते।

लगे है वाइ-फाई जबसे​ ​तार भी नहीं आते​​;​​
​बूढी आँखों के अब मददगार भी नहीं आते​​;​​
​​गए है जबसे शहर में कमाने घर के छोरे;​​
​​उनके घर में त्यौहार भी नहीं आते।
नोट: जो पर्व-त्योहार में भी अपने माँ-बाप, दादा-दादी से भेट करने नही जाते, उनको समर्पित।
#बेसहारा_माँ
#बूढ़ी_दादी
अंत में, सभी को शब्द क्रांति की तरफ से हार्दिक शुभकामनाये।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें