सदाबहार-3

शनिवार, नवंबर 11, 2017
जिस हाल में हूँ उस हाल में रहने दो। हाथो मे चाकू न दो कलम भी रहने दो। सताया हूँ इस कदर उसके दिल का। जितना बहना है आँसू बहने दो।       ...

सदाबहार-2

शनिवार, नवंबर 11, 2017
कभी रेत पर लिखी थी हम दोनों की जिंदगानी। आँधियाँ आई, तूफान आया मिट गयी निशानी। मुलाकातों को दौर चलता है चलता भी रहेगा। बस होंठो में मुस...
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