जेपी हंस

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मूल रूप से बिहार राज्य के अरवल जिला के निवासी । मां भारती का सच्चा सपूत। स्वतंत्र लेखक। पूर्वी दिल्ली से प्रकाशित पूर्वालोक, आयकर विभाग राँची से प्रकाशित आयकर जोहार, आयकर विभाग, पटना से प्रकाशित आयकर विहार, ऑनलाईन वेब पत्रिका पुष्पवाटिक टाईम्स, ब्लॉग-बुलेटिन, अनुभव एवं विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाऐ. ई-मेल आई.डी- jphans25@gmail.com

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3 अगस्त 2019

बुढ़ी नानी का चश्मा


अक्सर याद आती है,
वो पुरानी चश्मा बुढ़ी नानी के ।
नित्य धूल झाड़ कर,
रेक पर ऐसे सहजती,
मानो कोई अनमोल हीरा ।
वो हीरा ही था,
नानी के लिए,
हर चीज देख पाती आज भी ।
जैसे वह वर्षों पहले देखा करती थी ।
उसे पहनकर,
जवानी अहसास होती ।
वरना, खो जाने पर,
बेसहारा बुढ़ापे की कसक में
सपने बुनती रहती ।

रविश कुमार जी को बहुत-बहुत बधाई...


सर्वप्रथम रेमन मैग्सेसे पुरस्कार फाउंडेशन को बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार कि उनकी संस्था ने सच्चाई की राह पर चलने वालों को बियाबान अंधेरे में आशा की एक किरण दिखा दी।
दूसरे नंबर पर एनडीटीवी इंडिया को बधाई और धन्यवाद कि उसने रवीश कुमार
को तमाम झंझावातों के बाद अपने न्यूज़ चैनल के साथ  दृढ़ता पूर्वक बनाए रखा।
रवीश कुमार ने बेसहारा और बेजुवान समाज को निरंतर कठिनाइयों के मार्ग पर चलते हुए जो सम्बल प्रदान किया है, उसके लिए शब्दों में आभार व्यक्त कर पाना असम्भव लग रहा है।
आम आदमी की आवाज और समस्या को सुनकर निराकरण का प्रयास करना, निभीक, निडर बन कर सत्य की राह पर सच्ची पत्रकारिता के मानदंड स्थापित करने के लिए श्री रवीश कुमार जी को एशिया का नोबेल पुरस्कार कहे जाने वाले रेमैन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित होने को लख लख बधाईया ओर शुभकामनाए।