कैसे बने शिक्षक?


    

   
      हमें अपने आस-पास जितने भी कैरिअर क्षेत्र दिखते है, उनमें जाने के लिए सामान्य या विशेष अध्ययन की जरूरत होती है । स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी में सामान्य शिक्षक, विभिन्न विषयों के शिक्षकों से लेकर मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, मेडिकल, बिजनेस, मार्केटिंग, फाइन आर्ट, नृत्य, संगीत, योग, शारीरिक शिक्षा आदि तक ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है, जहां शिक्षक की आवश्यकता नहीं हो । मूक-बधिर व मानसिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाने-सिखाने के लिए शिक्षकों में अलग तरह की योग्यता की जरूरत होती है । उससे भी महत्वपूर्ण यह है कि इन क्षेत्रों में शिक्षक बनने के लिए जहां पढ़ाई की जाती है, वहां भी शिक्षक होते हैं । इसलिए सबसे पहले तो यह तय करना जरूरी है कि आप कौन-से शिक्षक बनना चाहते हैं और क्यों ।
      आम-तौर पर बच्चे अपने शिक्षकों को देख कर बचपन में ही तय कर लेते हैं है कि उन्हें शिक्षक बनना है । लेकिन अगर आप शिक्षक बनने के प्रति गंभीर है तो आपको 11वीं कक्षा में तय कर लेना चाहिए, क्योंकि 12वीं कक्षा में अच्छे अंक लाकर आप स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री कोर्स में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा दे सकते हैं । यदि आप कॉलेज अथवा यूनिवर्सिटी में टीचर (लेक्चरर या असिस्टेंट प्रोफेसर) बनना चाहते है तो विषय पहले तय करना होगा, वह विषय ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन में लेना होगा । उसमें 55% से अधिक अंक भी लाने होंगे । फाइन आर्ट, नृत्य, संगीत आदि का टीचर बनना हो तो बहुत कम उम्र (4 से 6 साल भी हो सकती है ) में ही अभ्यास शुरू करना होगा ।

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