14 August, 2021

साथियों लड़ना होगा, हमें लड़ना होगा (क्रांति-गीत)




साथियों लड़ना होगा, हमें लड़ना होगा

मिलती रोटियां जब छीन जाती हाथों से।
फुसलाये जाते हो मीठी-मीठी बातों से।
इंकलाब का नारा अपना गढ़ना होगा।
साथियों लड़ना होगा, हमें लड़ना होगा।

जिंदगी गुजर रही जुल्मों को सहते हुए।
पुरखे खाये थे हमारे, गोलिया लड़ते हुए।
अब हमें ही तीर-कमान पकड़ना होगा।
साथियों लड़ना होगा, हमें लड़ना होगा।

जब आती है हको को मिलने की बारी।
जाति-धर्मो में उलझाने की करते तैयारी।
हर भेड़- चाल उनकी समझना होगा।
साथियों लड़ना होगा, हमें लड़ना होगा।
             -जेपी हंस (www.jphans.in


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5 comments:

  1. सादर नमस्कार ,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (15-8-21) को "आजादी का मन्त्र" (चर्चा अंक-4157) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है,आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ायेगी। आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
    ------------
    कामिनी सिन्हा

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    Replies
    1. सहृदय आभार मैडम... आपको भी स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई.

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  2. यथार्थ ! आह्वान करता सार्थक सृजन

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  3. aap bahut achcha likhte hein .aese hi likhte rahiye aap zarur kamyaab honge .God bless you

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